लॉक डाउन व्यंजन दोहे [ भाग- 1 ]
लॉक डाउन व्यंजन दोहे [ भाग- 1 ] क्या तुम रोटी नहीं पाती हो सेंक , इसलिए ठूंस ठूंस कर खाती हो केक । जब घर मे छिड़ जाती है हमेशा लड़ाई , तो तुम हमेशा क्यों बनाती हो बिरयानी । क्यों मचाती रहती हो हमेशा हल्ला-गुल्ला , ताकि तुम शांति से ठूंस सको रसगुल्ला । लॉक डाउन मे घर बैठे रहने की मजबूरी , तो तुम क्यों नहीं बनाती हो चटपटी भेलपूरी । कहीं तुम बैठे बैठे न हो जाओ मोटी , इसलिए लॉक डाउन मे खाओ नमक रोटी । हमेशा हाथों को साफ करे पानी और साबुन से , तब जा कर पेट भरे गुलाब जामुन से । गरीबो बेसहारों की करो हमेशा सहायता , तब जा के मजा आएगा खाने मे रायता । अपने आस पास नहीं होने दो जल जमाव , क्या वाकई इतना मुश्किल है बनाना पुलाव । हिन्दू मुस्लिम की खाई को देना है पाट , अरे कभी खा के तो देखो मजेदार पापड़ी चाट। ...